रात प्यासा था मेरे लोहू का — मीर तक़ी मीर
रात प्यासा था मेरे लोहू का
हूँ दिवाना तिरे सग को का
“My blood was thirsty for you, I am madly devoted to your presence.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
रात प्यासा था मेरे लहू का, हूँ दीवाना तेरे संग को का। (अर्थ: मेरे लहू को रात में प्यास लगी थी, और मैं तेरे साथ का दीवाना हूँ।)
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस गहराई को बयां करता है, जहाँ मोहब्बत सिर्फ़ दिल में नहीं, बल्कि रूह में बस जाती है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि उनकी प्यास इतनी तीव्र थी कि वह उनके लहू में समा गई थी। और इस प्यास का कारण... महबूब की दीवानगी है। यह सिर्फ़ प्यार नहीं, यह एक ऐसी ज़रूरत है जो उन्हें हर पल महसूस होती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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