दिल ताब ही लाया न टुक ता याद रहता हम-नशीं
अब 'ऐश रोज़-ए-वस्ल का है जी में भूला ख़्वाब सा
“The memory of our beloved, though it has not yet arrived, remains in my heart; now, the intoxication of the day of union is like a forgotten dream in my soul.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
दिल में अब भी तेरा ही याद रहता है, मानो वह मिलन का दिन किसी भूले हुए ख़्वाब जैसा मदहोश कर गया हो।
विस्तार
यह शेर दिल की उस हालत को बयां करता है, जब दर्द इतना गहरा हो जाता है कि यादें भी धुंधली पड़ जाती हैं। शायर कहते हैं कि अब दिल के पास महबूब की कोई एक निशानी याद रखने की ताक़त नहीं बची है। वस्ल (मिलन) का जो ख़ुशी का एहसास है, वह अब किसी हक़ीक़त जैसा नहीं, बल्कि एक भूला हुआ ख़्वाब सा है। यह इश्क़ की उस थकावट को दिखाता है, जहाँ उम्मीदें भी एक सपना बनकर रह जाती हैं।
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