गुल-बर्ग का ये रंग है मर्जां का ऐसा ढंग है
देखो न झुमके है पड़ा वो होंट लाल-ए-नाब सा
“This is the color of the rose garden, this is the style of Marjan; look, those earrings, those lips are red like the tooth of a pearl.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यह गुल-बर्ग का रंग है और मर्जां का ढंग है; देखो, झुमके और होंठ, जो लाल हैं नाब के समान।
विस्तार
यह अशआर मिर्ज़ा तक़ी मीर साहब ने एक बेहद नज़दीकी, दिलकश नज़ारा पेश किया है। शायर यहाँ महकते हुए गुल-बग़ की ख़ुशबू और रंग की तुलना मरजान के अंदाज़ से करते हैं। और फिर... वो होंठों पर नज़र डालते हैं। वो होंठ... जो ताज़े नाब के लाल रंग जैसे हैं! यह शेर किसी महबूब की अदा और खूबसूरती को प्रकृति के रंगों से सजाकर बयां करता है।
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