कल चमन में गुल-ओ-समन देखा — मीर तक़ी मीर
“Yesterday, in the garden, I saw flowers and scattered petals; Today, when I saw it, I saw an entire garden.”
अर्थ
कल चमन में गुल-ओ-समन देखा, आज देखा तो पूरा बाग़ बन देखा।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ बाग़ के बारे में नहीं है, यह हमारी नज़रों के फ़र्क़ को बताता है। शायर कहते हैं कि कल हमने सिर्फ़ फूल-पत्तियाँ देखीं, बस सुंदरता के छोटे-छोटे टुकड़े। लेकिन आज जब हमने उसे पूरे नज़रिए से देखा, तो हमें उसका पूरा वजूद, उसका पूरा नज़ारा मिल गया। यह जीवन की सच्चाई है कि जब हम गहराई से देखना सीखते हैं, तो चीज़ें पहले से कहीं ज़्यादा खूबसूरत लगती हैं।
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