सरसरी तुम जहाँ से गुज़रे
वर्ना हर जा जहान-ए-दीगर था
“Just passing by where you went, / Otherwise, the whole world was another realm.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब आप से बस गुज़रना था, तो ऐसा लगा मानो यह पूरी दुनिया ही कोई और ही दुनिया हो।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस नाजुक हकीकत को बयां करता है, जब महबूब की एक झलक भी दुनिया को बदल दे। शायर कहते हैं कि बस यूँ ही गुज़र जाना काफी है। नहीं तो.... यह पूरा जहाँ, यह ज़िंदगी, बेमानी लगती है। मतलब, महबूब की मौजूदगी ही हमारी कायनात का सहारा है।
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