थी ये सब काएनात ज़ेर-ए-नगीं
साथ मोर-ओ-मलख़ सा लश्कर था
“All of this cosmos, beneath the glitter, Was a host, like peacocks and kings, standing together.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यह सारा ब्रह्मांड, चमक के नीचे, मोर और राजाओं जैसे एक समूह था।
विस्तार
मीर तक़ी मीर साहब एक ऐसे शायर हैं जिनकी शायरी में नज़ाकत और दर्द का अद्भुत संगम है। यह शेर एक ऐसे ज़माने की बात करता है.... जब सारा कायनात (universe) एक चमकती हुई, नगीं जैसी आभा से ढका हुआ था। साथ में मोर और मलख़ों का एक पूरा लश्कर था। यह एक ऐसे वक़्त को याद करना है जब सब कुछ बहुत ख़ूबसूरत और शानदार था, पर शायद... सब कुछ हमेशा नहीं रहता।
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