इक इज्ज़ इश्क़ इस का अस्बाब-ए-सद-अलम था
कल 'मीर' से बहुत मैं हो कर दो-चार रोया
“The cause of this love was a hundred signs of grace, Yesterday, I wept much, 'Meer,' for a little while's space.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस प्रेम का कारण एक सौ प्रकार की कृपा थी; कल मीर से मैं थोड़े समय के लिए बहुत रोया।
विस्तार
यह शेर सच्चे इश्क़ की गहराई को बयां करता है। मीर तक़ी मीर कहते हैं कि कल जो आँसू बहाए, वह इस मोहब्बत के दर्द का बस एक छोटा-सा हिस्सा था। इस इश्क़ का असली कारण, इसका अस्बाब-ए-सद-अलम, सिर्फ़ रोने से कहीं ज़्यादा गहरा है। यह दर्द आँसुओं से परे है, यह रूह में उतर जाने वाला एहसास है।
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