नश्व-ओ-नुमा है अपनी जूँ गर्द-बाद अनोखी
बालीदा ख़ाक-ए-रह से है ये शजर हमारा
“Our tree is unique, blooming with dust-like grace, From the sacrificial dust of the path, its beauty takes place.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
नश्व-ओ-नुमा है अपनी जूँ गर्द-बाद अनोखी। आलीदा ख़ाक-ए-रह से है ये शजर हमारा।
विस्तार
यह शेर शायर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने अपनी ज़िंदगी के गहरे अनुभव से लिया है। यहाँ 'शजर' सिर्फ़ पेड़ नहीं है, बल्कि हमारी आत्मा या हमारी कला है। शायर कहते हैं कि हमारी पहचान.... हमारी अपनी धूल में है, जो अनोखी है। और इस शजर को सींचने वाला पानी.... कोई अमृत नहीं है, बल्कि जीवन के रास्ते की धूल है। यह जीवन के संघर्ष को ही सबसे बड़ा पोषण बता रहा है।
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