अपनी डेढ़ ईंट की जद्दी मस्जिद
किसी वीराने में बनाइयेगा
“Build a stubborn mosque of one and a half bricks in a desolate place.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अपनी डेढ़ ईंट की जद्दी मस्जिद किसी वीराने में बनाइयेगा।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ एक इमारत के बारे में नहीं है, बल्कि दिखावे के धर्म के बारे में है। शायर कहते हैं कि अगर आपको अपनी आस्था का कोई बड़ा प्रदर्शन करना ही है, तो उसे किसी वीराने में कीजिए। इसका मतलब यह है कि सच्चा विश्वास वो होता है जो लोगों की नज़रों पर निर्भर न हो। यह एक तरह से, दिखावटी धार्मिकता पर एक गहरा तंज़ है।
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