क्यूँके पड़ते हैं तिरे पाँव नसीम-ए-सहरी — मीर तक़ी मीर
“Why do your feet tread where the night breeze blows? In those lanes lie the sacred tombs of the martyrs, oh, my love.”
अर्थ
हे प्रिय, तुम ऐसे क्यों चलते हो जहाँ से सुबह की ठंडी हवा गुजरती है? उस रास्ते पर शहीदों की पवित्र कब्रें पड़ी हैं, हे मेरे प्रेम।
विस्तार
यह शेर महबूब की उस खतरनाक और मदहोश कर देने वाली खूबसूरती को बयान करता है। शायर पूछ रहे हैं कि आपके पैर सुबह की हवा पर क्यों टिकते हैं? इसका जवाब तो बहुत दर्दनाक है—कि आपके आँगन में तो हज़ारों शहादतों की कब्रें हैं। इसका मतलब है कि आपकी सुंदरता और आपके नज़दीक होना इतना ख़तरनाक है कि जो भी आपको देखता है, वह ज़िन्दगी से वास्ता नहीं कर पाता।
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