मरने पे अपने मत जा सालिक तलब में उस की — मीर तक़ी मीर
“Do not chase after that which you will lose upon death, O traveler, in the pursuit of that; you will lose your own head, but you will retain that which is meant for you.”
अर्थ
शायर कहता है कि मृत्यु पर अपने आप को उस चीज़ के पीछे मत भागो, ऐ मुसाफ़िर, जिसकी चाहत में तुम अपना सिर खो दोगे; तुम अपना सिर खो दोगे, लेकिन वह चीज़ जो तुम्हारे लिए है, उसे प्राप्त रखोगे।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर साहब का एक गहरा सूफ़ी संदेश है। शायर कहते हैं कि जब आप किसी चीज़ को पाने की ज़िद में अपने वजूद को मिटा दें, तो घबराइए मत। यह बात हमें बताती है कि रूहानी सफ़र में, भले ही आपको अपनी पहचान, अपना 'सर' खोना पड़े... लेकिन बदले में, आपको वो 'उस' का साथ ज़रूर मिलेगा। यह त्याग और प्राप्ति के बीच का खूबसूरत रिश्ता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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