शम' साँ जलते रहे लेकिन न तोड़ा यार से — मीर तक़ी मीर
“Though the flame of separation kept burning, my beloved did not break the bond of affection; the eternal bond of love remained in my neck.”
अर्थ
हालांकि जुदाई की लौ जलती रही, पर मेरे प्रिय ने यार से रिश्ता नहीं तोड़ा; इश्क़ का यह शाश्वत बंधन उम्र भर मेरी गर्दन में रहा।
विस्तार
ये शेर हमें बताता है कि ज़िंदगी कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, कितने भी संघर्ष आएं.... लेकिन प्यार का रिश्ता! वो कभी टूटता नहीं। शायर कहते हैं कि शम' (दीपक) जलते रहे, यानी मुश्किलें आती रहीं, लेकिन महबूब से जुड़ा ये इश्क़ का रिश्ता... ये हमारी गर्दन में, यानी हमारी रूह में हमेशा के लिए बस गया है। यह अटूट है!
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
