क़ाफ़िले में सुब्ह के इक शोर है — मीर तक़ी मीर
“In the caravan, there is a morning noise, Or does the oblivious one wander while sleeping?”
अर्थ
काफ़िले में सुबह का एक शोर है, यानी क्या ग़ाफ़िल हम चलते-चलते सो गया है।
विस्तार
यह शेर वक़्त के गुज़रने और होश में रहने की ज़रूरत को समझाता है। 'सुब्ह का शोर' सिर्फ़ सुबह का शोर नहीं है, बल्कि ज़िंदगी के बदलावों का शोर है। शायर पूछते हैं कि क्या हम, जो ग़ाफ़िल थे, अब भी नींद में हैं? यह एक गहरा सवाल है कि हमें ज़िंदगी की रफ़्तार के साथ कैसे चलना चाहिए। यह एहसास दिलाता है कि हमें हमेशा जागृत रहना चाहिए, क्योंकि वक़्त का इंतज़ार नहीं करता।
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