दिल के तीं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया — मीर तक़ी मीर
दिल के तीं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया
घर जला सामने पर हम से बुझाया न गया
“My heart was not saved from the flames of separation's fire, / Though the house burned down, my spirit was not extinguished.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
दिल को बिछोह की आग से बचाया नहीं जा सका, पर सामने घर के जलने पर भी मन से बुझाया नहीं जा सका।
विस्तार
यह शेर उस दर्द की बात करता है जो दिल के अंदर होता है। शायर कहते हैं कि बाहर कोई हादसा हो जाए, कोई घर जल जाए, तो वह दिखाई देगा। लेकिन दिल की जो आग है... जो बिछड़ने का दर्द है, वह कोई बुझा नहीं सकता! वह इतना गहरा होता है कि हर बाहरी घटना उसे मिटा नहीं सकती। यह सच्चे दर्द की बात है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
1 / 8Next →
