दम बा'द जुनूँ मुझ में न महसूस था या'नी
जामे में मिरे यारों ने इक तार न पाया
“Was there no intoxication of passion in me, my friends, Or did you find no melody in my cup?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यानी, मेरे दोस्तों, क्या मुझमें जुनून का नशा नहीं था, या मेरे दोस्तों ने मेरे जाम में कोई धुन नहीं पाई?
विस्तार
यह शेर एक ऐसी उदासी बयां करता है जब इंसान खुद को खोया हुआ महसूस करता है। शायर कह रहे हैं कि मेरे अंदर जो जुनून होता था, वो अब नहीं रहा। भले ही मेरे दोस्त मुझे महफ़िल में लाएं, भले ही शराब के जाम हों... लेकिन मेरे भीतर की आवाज़, मेरा अपना जोश, वो किसी को सुनाई नहीं दे रहा। यह दिल की उस ख़ामोशी का दर्द है, जिसे कोई महफ़िल भी भर नहीं सकती।
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