याद-ए-अय्याम कि याँ तर्क-ए-शकेबाई था — मीर तक़ी मीर
याद-ए-अय्याम कि याँ तर्क-ए-शकेबाई था
हर गली शहर की याँ कूचा-ए-रुस्वाई था
“Oh, the memory of days, or was it a fallacy of doubt? Every street of the city, or was it a path of disgrace?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
याद-ए-अय्याम कि क्या यह शंका का तर्क था, या हर गली शहर की ही अपमान का मार्ग थी।
विस्तार
यह शेर यादों के कड़वे सच को बयां करता है। शायर जी बता रहे हैं कि एक जगह थी जो कभी मीठी यादों का ठिकाना थी.... एक सादगी का रास्ता थी। लेकिन अब, जब वो यादें उनके दिल में उठी हैं, तो उन्हें हर गली में सिर्फ़ तबाही और बदनामी नज़र आती है। यह एहसास बहुत दर्दनाक होता है कि वक़्त ने सब कुछ कैसे बदल दिया।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
1 / 4Next →
