मैं न कहता था कि मुँह कर दिल की और
अब कहाँ वो आईना टूटा गया
“I did not say that I had closed my heart's mouth, and now, where has that mirror broken?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैं नहीं कहता था कि मैंने अपने दिल का मुँह बंद कर लिया है, और अब वो आईना कहाँ टूट गया।
विस्तार
यह शेर ज़िंदगी की अचानक टूटती उम्मीदों को बयां करता है। शायर कहते हैं कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वह अपने दिल से मुँह कर लेंगे। लेकिन दूसरी लाइन में जो आईना टूटने की बात है, वह एक गहरा सदमा है। यह टूटे हुए आईने से मतलब है हमारे टूटे हुए भ्रम, टूटे हुए रिश्ते, या बिखरते हुए आत्म-सम्मान से। यह अचानक का टूटना ही सबसे बड़ी पीड़ा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
