क्यूँकर तुम्हारी बात करे कोई ए'तिबार — मीर तक़ी मीर
“Why should anyone speak of your words on this occasion? What you say openly, what is on your tongue?”
अर्थ
आज किस अवसर पर कोई आपके बारे में बात करे? आप खुलकर क्या कहेंगे, और आपके होंठों के नीचे क्या है?
विस्तार
यह शेर भावनाओं को व्यक्त करने की बड़ी चुनौती को बयां करता है। शायर पूछते हैं कि कोई आपकी बात का ज़िक्र कैसे कर सकता है, जब दिल में भावनाएं इतनी गहरी हों? और ज़ाहिर में क्या कहेंगे, जब ये बातें तो पहले से ही होंठों के नीचे, कहने को तैयार बैठी हों? यह उस उलझन को दिखाता है जब एहसास इतना ज़्यादा हो कि उसे शब्दों में बाँधना मुश्किल हो जाए।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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