तेग़-ए-सितम से उस की मिरा सर जुदा हुआ — मीर तक़ी मीर
“From the cup of cruelty, my head separated from her; Thank God that the right of love was fulfilled.”
अर्थ
तेग़-ए-सितम से उस की मिरा सर जुदा हुआ, जिसका अर्थ है कि क्रूरता के कप से मेरा सिर अलग हो गया; और शुक्र ख़ुदा कि हक़ मोहब्बत अदा हुआ, जिसका अर्थ है कि ईश्वर का धन्यवाद कि प्रेम का अधिकार पूरा हुआ।
विस्तार
यह शेर दर्द और सच्चे प्यार के रिश्ते को बहुत गहराई से समझाता है। शायर कहते हैं कि महबूब का सीने पर से ज़ुदा होना, ये सताने वाली तलवार (तेग़-ए-सितम) से एक तरह का वरदान था। क्योंकि इसी जुदाई ने उन्हें वो हक़ दिया कि वो मोहब्बत को पूरी तरह जी सकें। यह दिखाता है कि कभी-कभी दर्द ही हमें आज़ादी और सच्चे एहसास तक पहुँचाता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
