क्या क्या बैठे बिगड़ बिगड़ तुम पर हम तुम से बनाए गए
चुपके बातें उठाए गए सर गाड़े वो हैं आए गए
“What things, what things, you spoiled, spoiled upon us, you were made from us, we were taken away with quiet talk, raised up, they are come, they are come.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क्या-क्या बातें बिगड़ गईं तुम पर, हम तो तुमसे ही बनाए गए हैं। चुपके-चुपके बातें उठाए गए, सिर गाड़े वो हैं, आए गए।
विस्तार
यह शेर जीवन के उस पहलू को छूता है जहाँ इंसान खुद को घिरा हुआ महसूस करता है। शायर कहते हैं कि आप पर लोग किस तरह की बातें बिगाड़ रहे हैं, आप पर किस तरह की बातें बनाई जा रही हैं। यह सिर्फ़ महफ़िल की बात नहीं है, बल्कि उस सामाजिक दबाव की बात है जहाँ आपको हर पल महसूस होता है कि कोई आपको देख रहा है, कोई गपशप कर रहा है। यह एक बहुत गहरा तन्हाई का एहसास है।
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