हर हर्फ़ बस-कि रोया है हाल पर हमारे क़ासिद के हाथ में ख़त नमनाक हो गया है

“Every letter has cried out about our condition, The letter in the qasid's hand has become moist with tears.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

हर अक्षर हमारे हाल पर रोया है, और क़ासिद के हाथ में रखा ख़त आँसुओं से नम हो गया है।

विस्तार

यह शेर ग़म की गहराई को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि हमारा हाल इतना बुरा है कि यह दर्द सिर्फ़ दिल तक सीमित नहीं है। हर एक हर्फ़, हर एक कागज़, सब रो रहा है। यह एहसास दिलाता है कि ग़म इतना गहरा होता है कि वह हर चीज़ को अपनी उदासी से भर देता है।

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