दरहमी आ गई मिज़ाजों में — मीर तक़ी मीर
“The coins of money have entered the temperaments, From those strands of hair, O coins of dirham.”
अर्थ
दरहमी आ गई मिज़ाजों में, आख़िर उन गेसूवान-ए-दिरहम से। इसका शाब्दिक अर्थ है कि मिज़ाज में पैसों की चमक आ गई है, उन दिरहम के बालों से।
विस्तार
यह शेर बताता है कि मोहब्बत का असर कितना गहरा होता है। शायर कहते हैं कि उनके मिजाज में एक अजीब सी बेचैनी और दरहमी आ गई है। और इस बेचैनी का कारण कोई और नहीं, बल्कि वो प्यारे, काले बालों वाले लोग हैं। यह इश्क़ की उस अवस्था को बयां करता है, जहाँ महबूब की एक झलक ही इंसान को अंदर से हिला देती है।
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