क्यूँके बे-बादा लब-ए-जू पे चमन में रहिए
अक्स-ए-गुल आब में तकलीफ़-ए-मय-ए-गुल-गूँ है
“Why do you remain in the garden with your unmarked lips? / The reflection of the flower in the water is the agony of the flower's wine-intoxication.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क्योंके बे-बादा लब-ए-जू पर चमन में रहिए। अक्स-ए-गुल आब में तकलीफ़-ए-मय-ए-गुल-गूँ है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरी और उदास चेतावनी है। शायर पूछते हैं कि आप क्यों उस 'चमन' में बने रहते हैं, जो महबूब के होंठ हैं? क्योंकि वहाँ सिर्फ़ फूल का अक्स नहीं है.... बल्कि वह अक्स भी पानी में तड़प रहा है, उस फूल के नशे की 'तकलीफ़' से! यह बताता है कि इश्क़ की दुनिया में रहना कितना दर्दनाक होता है, और सुंदरता भी कब सज़ा बन जाती है।
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