हम कशतगान-ए-इशक़ हैं अब्रू-ओ-चश्म-ए-यार — मीर तक़ी मीर
“We are the verses of love, the splendor and the eyes of the beloved, From our heads, the shadow of the sword will not depart.”
अर्थ
हम प्रेम के छंद हैं, प्रियतम की आभा और आँखें हैं। हमारे सिर से तलवार का साया नहीं जाएगा।
विस्तार
यह शेर अपनी पहचान का ऐलान है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि हम तो इश्क़ की कहानियाँ सुनाने वाले हैं, और हमारी सर से तलवार की परछाई कभी नहीं जाएगी। इसका मतलब है कि जो लोग शायरी और मोहब्बत को अपनी ज़िंदगी मानते हैं, उनके लिए उनका जुनून ही उनकी जान है। यह एक ऐसा ऐलान है कि कला और शायरी, किसी भी तलवार से ज़्यादा मज़बूत होती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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