ग़म-ए-फ़िराक़ है दुम्बाला-ए-गर्द ऐश-ए-विसाल
फ़क़त मज़ा ही नहीं इश्क़ में बला भी है
“The sorrow of separation, O dusty garden of union, In love, it is not merely pleasure, but a curse too.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
बिछड़ने का दुख है, ऐ उदास मिलन के बाग, इश्क़ में केवल मज़ा ही नहीं, एक मुसीबत भी है।
विस्तार
इस शेर में मिर्ज़ा तक़ी मीर ने इश्क़ के सबसे गहरे विरोधाभास को बयां किया है। वो कहते हैं कि विरह का ग़म, मिलन की ख़ुशी से कहीं ज़्यादा दर्दनाक होता है। इश्क़ महज़ मज़ा नहीं है, बल्कि एक ऐसी बला है, एक ऐसा नशा है जो हमें ख़ुशी और ग़म दोनों से गुज़ारेता है।
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