क़ुबूल करिए तिरी रह में जी को खो देना
जो कुछ भी पाइए तुझ को तो आश्ना भी है
“Accept the loss of my heart in your love, Whatever you grant, it is a friend to me.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे प्रेम में मेरे दिल को खो देने को स्वीकार कर लो, जो कुछ भी मुझे प्राप्त होगा, वह मेरे लिए एक मित्र है।
विस्तार
यह शेर इश्क़ में पूर्ण समर्पण की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि मेरे दिल को आपकी राह में खो जाने देना, इसे स्वीकार कर लीजिए। और एक गहरा एहसास यह है कि जो कुछ भी मुझे आपसे मिलता है, वह कोई स्थायी चीज़ नहीं है, बस एक आदत या एक भ्रम है। यह रूहानी इक़रार है।
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