जो खोलूँ सीना-ए-मजरूह तो नमक छिड़के
जराहत उस को दिखाने का कुछ मज़ा भी है
“If I open the wounded chest, the salt will sprinkle; There is some fun in showing the wounds.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यदि मैं घायल सीने को खोलूँ, तो नमक छिड़क दिया जाएगा; उस जख्म को दिखाने में कुछ मज़ा है।
विस्तार
यह शेर दर्द और अहसास के गहरे रिश्ते को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जब मैं अपना ज़ख्मी सीना खोलकर दिखाता हूँ, तो सामने वाला नमक छिड़कता है। लेकिन इसमें एक अजीब सा मज़ा है! यह मज़ा उस दर्द को दिखाने में है, जिसे सिर्फ़ वो इंसान देख सकता है, जिसकी मोहब्बत हमें सबसे ज़्यादा है। यह दर्द नहीं, बल्कि एक तरह की 'इज़्ज़त' है, जो सिर्फ़ उस नज़रों में मिलती है।
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