तिरा है वहम कि मैं अपने पैरहन में हूँ
निगाह ग़ौर से कर मुझ में कुछ रहा भी है
“It is an illusion that I am in my own attire; Look closely and see if there is anything in me.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यह भ्रम है कि मैं अपने वेश में हूँ; मेरी ओर ध्यान से देखो और बताओ कि क्या कुछ है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरा अहसास बयां करता है। शायर यहाँ कहते हैं कि जो आप मुझे समझते हैं, वो शायद एक वहम है। वो आपको चुनौती दे रहे हैं कि आप मुझे गौर से देखिए... और बताइए कि क्या मुझमें कुछ बचा है? ये सिर्फ़ एक इल्ज़ाम नहीं है, बल्कि एक तन्हाई भरी पुकार है। क्या आप सच में मुझे जानते हैं, या बस एक भ्रम में जी रहे हैं?
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