जिगर में सोज़न-ए-मिज़्गाँ के तीं कढब न गड़ो
कसो के ज़ख़्म को तू ने कभू सिया भी है
“Do not dig the sharp trenches of sorrow in your heart, For you have never stitched up a wound like this.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अपने दिल में मिर्गी के दर्द के ऐसे गहरे गड्ढे मत खोदो, क्योंकि तुमने कभी इस तरह का घाव नहीं भरा है।
विस्तार
यह शेर दिल टूटने के उस दर्द को बयान करता है, जो सिर्फ़ ग़म नहीं, बल्कि एक गहरा घाव है। शायर कहते हैं कि मेरे दिल को बिछड़ने के काँटों से मत छेड़ना... क्योंकि आपने कभी भी मेरे ज़ख्मों को सींचा ही नहीं है। यह एक ऐसी शिकायत है, जो बताती है कि दर्द कितना गहरा है, और इस दर्द का कोई मरहम नहीं है। यह दर्द सिर्फ़ बात नहीं है, यह वजूद की बात है।
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