गुज़ार शहर-ए-वफ़ा में समझ के कर मजनूँ
कि इस दयार में 'मीर' शिकस्ता-पा भी है
“O Majnun, within the city of devotion, use your understanding, That in this abode, even the defeated 'Pa' (Poet) 'Meer' also resides.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
समझदारी से मजनूँ, वफ़ा के शहर में व्यवहार कर, क्योंकि इस जगह पर 'मीर' जैसा हारने वाला शायर भी है।
विस्तार
यह शेर सिर्फ एक सलाह नहीं, बल्कि एक दर्द भरी सच्चाई है। मीर तक़ी मीर कहते हैं कि वफ़ा के शहर में भी, आपको समझदारी से मजनूँ की तरह जीना होगा। क्यों? क्योंकि शायर खुद कहते हैं कि इस दुनिया में उनका दिल भी टूटा हुआ है। यह एक बहुत ही गहरा एहसास है—कि दुनिया को खुश रखने के लिए, हमें अपने टूटे दिल को छुपाना पड़ता है।
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