ताक़त नहीं है दिल मैं ने जी बजा रहा है
क्या नाज़ कर रहे हो अब हम में क्या रहा है
“My heart lacks the strength to keep playing this tune, What arrogance are you showing now, what has remained in us?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे दिल में अब यह तराना बजाने की ताक़त नहीं बची है। आप अब हमसे इतना नाज़ क्यों कर रहे हैं? हमारे अंदर अब क्या बचा है?
विस्तार
यह शेर इंसान की अंदरूनी उलझन को दिखाता है। शायर कह रहे हैं कि दिल में ताक़त नहीं है, फिर भी ज़िंदगी को पूरी मस्ती में जी रहे हैं। और ये सवाल... 'क्या नाज़ कर रहे हो?' यह सवाल सिर्फ़ महबूब से नहीं, बल्कि ख़ुद से, और वक़्त से किया गया है। यह एहसास कि हम कितने कमज़ोर हैं, लेकिन फिर भी अपनी ज़िन्दगी को ऐसे जी रहे हैं, जैसे कल कुछ होगा ही नहीं। एक गहरा फ़लसफ़ा है इसमें!
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