'उम्र गुज़री कि नहीं दो आदम से कोई — मीर तक़ी मीर
“After years have passed, has anyone seen So many treasures where I look, from Adam's time?”
अर्थ
क्या कोई जानता है कि कितना समय बीत चुका है, क्योंकि जब भी देखने पर हर तरफ़ बहुत से खज़ाने दिखाई देते हैं, मानो वे आदम के ज़माने से ही यहाँ हों।
विस्तार
यह शेर समय की विशालता पर एक गहरा विचार है। शायर कहते हैं कि क्या किसी इंसान ने सच में पूरी उम्र जी है? जब हम चारों ओर देखते हैं, तो हमें महसूस होता है कि कितने युग और कितने दौर एक ही पल में समाए हुए हैं। यह हमें बताता है कि हमारी ज़िंदगी, चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न लगे, समय के विशाल सागर के सामने कितनी क्षणभंगुर है। एक गहरा दार्शनिक एहसास!
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