किश्वर-ए-इश्क़ को आबाद न देखा हम ने — मीर तक़ी मीर

किश्वर-ए-इश्क़ को आबाद न देखा हम ने हर गली-कूचे में ऊजड़ पड़े थे घर कितने

“We never saw the dwelling of love to be established, How many homes lay ruined in every alleyway.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

शायर कहते हैं कि उन्होंने कभी प्रेम के निवास को स्थापित होते नहीं देखा, बल्कि हर गली-कूचे में कितने घर उजाड़ पड़े थे।

विस्तार

यह शेर आशिक़ के दिल की उदासी बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि उन्हें इश्क़ का कोई स्थाई ठिकाना कभी नहीं दिखा। बल्कि उन्हें हर गली, हर नुक्कड़ में बस तबाही और वीराना मिला। यह एक गहरा ग़म है.... कि मोहब्बत कितनी नाज़ुक और अक्सर दर्दनाक होती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.