इस वरते से तख़्ता जो कोई पहुँचे किनारे — मीर तक़ी मीर
“If anyone reaches the shore from this flowing stream, 'Mir' thinks that news of my homeland might also arrive.”
अर्थ
अगर कोई इस बहते हुए रास्ते से किनारे तक पहुँच जाए, तो मीर को लगता है कि शायद मेरे वतन की खबर भी मिल जाए।
विस्तार
यह शेर एक विस्थापित दिल की बात करता है, जो अपने वतन से जुड़ा हुआ है। यहाँ 'वरते' एक कठिन सफर या ज़िंदगी की नैया है, और 'किनारे' मंज़िल या सुकून है। शायर मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि अगर यह सफर कामयाब होता है... अगर मैं किनारे पहुँचता हूँ... तो मेरे वतन को भी ज़रूर खबर मिलेगी। यह पंक्तियाँ बताती हैं कि वतन का साथ हमेशा दिल के करीब रहता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
