तनिक गर्म तू संग-रेज़े को देख
निहाँ उस में भी शोला-ए-तूर है
“Though seeing the single, warm strand with you, I perceive even in it the fire of Mount Tur.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तुझे संग तेरे एक तनिक गर्म रेशे को देखकर भी, मुझे उसमें भी शोला-ए-तूर (तूर पर्वत की अग्नि) दिखाई देता है।
विस्तार
यह शेर एक गहरे और खतरनाक रिश्ते की बात करता है। शायर कहते हैं कि किसी भी छोटी सी, प्यारी चीज़ को देखो—एक गर्म, नाजुक धागा। लेकिन उनका इशारा है कि सबसे कोमल चीज़ों में भी एक प्रचंड आग छिपी होती है, जैसे माउंट तूर की लपटें। यह एक विरोधाभास है—सबसे बड़ी तीव्रता अक्सर सबसे नर्म पलों में ही मिल जाती है।
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