न हो किस तरह फ़िक्र अंजाम कार भरोसा है जिस पर सो मग़रूर है

“What worry is there about the outcome, my friend, For the trust placed in him is so proud and strong.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

अंजाम का किस तरह फ़िक्र है, जब जिस पर भरोसा है, वह स्वयं बहुत घमंडी और आत्मविश्वासी है।

विस्तार

यह शेर विश्वास की एक गहरी उलझन को बयां करता है। शायर पूछते हैं कि भविष्य के अंजाम की फ़िक्र क्यों करें... जब आपका भरोसा ही किसी ऐसे शख़्स पर है, जो घमंड में डूबा हुआ है। यह एक कड़वा सच है कि जब आप किसी घमंडी इंसान पर भरोसा करते हैं, तो उसका अंजाम तो बुरा ही होगा।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.