जरस-ए-राह में जुमला-तन शोर है
मगर क़ाफ़िले से कोई दूर है
“In the path of life, the body is noisy with commotion, But no one is far from the caravan.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
रास्ते में शरीर में बहुत शोर है, लेकिन काफिले से कोई दूर नहीं है।
विस्तार
यह शेर इंसान के जीवन के सच को बयां करता है। शायर कहते हैं कि ज़िन्दगी की राह में कितना भी शोर, कितना भी कोलाहल क्यों न हो.... लेकिन अगर आप ध्यान से देखें, तो कोई भी इंसान सचमुच अकेला नहीं है। हम सब एक बड़े समूह का हिस्सा हैं। यह शेर हमें याद दिलाता है कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, हम सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
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