करे क्या कि दिल भी तो मजबूर है
ज़मीं सख़्त है आसमाँ दूर है
“What can one do, when the heart itself is constrained, The earth is hard and the sky is far away.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अर्थ यह है कि क्या किया जाए, जब दिल भी मजबूर है; ज़मीन कठोर है और आसमान दूर है।
विस्तार
यह शेर इंसान की उस मजबूरी को बयां करता है जब उसे लगता है कि वह किसी भी चीज़ को नियंत्रित नहीं कर सकता। दिल का मजबूर होना, ये अहसास होता है कि हम कितने भी कोशिश कर लें, कुछ चीजें हमारे बस में नहीं होतीं। जब ज़मीन भी सख़्त लगे और आसमान भी दूर, तो इंसान बस एक सवाल पूछ पाता है—कि अब क्या करें? यह शेर नियति की बेबसी और दिल की उलझन का एक बहुत गहरा तसव्वुर है।
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