आलूदा उस गली की जो हूँ ख़ाक से तो 'मीर' — मीर तक़ी मीर

आलूदा उस गली की जो हूँ ख़ाक से तो 'मीर' आब-ए-हयात से भी न वे पाँव धोइए

“The alleyway of my being, which is dust to you, O Mir, Do not wash my feet even with the water of life.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

आलूदा उस गली की जो मैं हूँ ख़ाक से तो 'मीर', आब-ए-हयात से भी न वे पाँव धोइए। इसका अर्थ है कि मैं एक ऐसी गली हूँ जो आपके लिए केवल धूल के समान है, इसलिए मेरे पैरों को जीवन के जल से भी न धोना।

विस्तार

यह शेर गहरे आत्म-सम्मान और एक तरह के विद्रोह को बयां करता है। शायर मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि अगर यह ज़िंदगी, यह गली, बस धूल के समान है, तो इसे पवित्र करने के लिए जीवन के जल की ज़रूरत ही क्या? यह पंक्तियाँ किसी की दया या तसल्ली को ठुकराने का ऐलान हैं। यह बताती हैं कि कुछ घाव इतने गहरे होते हैं कि उन्हें सिर्फ़ बाहरी पानी से साफ़ नहीं किया जा सकता। यह एक बहुत ही दमदार और भावनात्मक बयान है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.