इख़्लास दिल से चाहिए सज्दा नमाज़ में
बे-फ़ाएदा है वर्ना जो यूँ वक़्त खोइए
“For the prostration in prayer, sincerity is needed, Otherwise, wasting time is utterly useless.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
नमाज़ के सज्दे में दिल से इख्लास चाहिए, वरना यूँ वक़्त बर्बाद करना बेकार है।
विस्तार
यह शेर हमें जीवन के सबसे बड़े सत्य की याद दिलाता है—वो है 'इख्लास' (सच्चाई)। शायर कह रहे हैं कि पूजा-पाठ या कोई भी कर्मकांड तब तक बेकार है, जब तक वो दिल से न किया जाए। सिर्फ़ दिखावे के लिए किया गया कोई भी काम.... चाहे वो कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसका कोई मोल नहीं। वक़्त का सही इस्तेमाल करना ही असली इबादत है।
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