जाने का नहीं शोर सुख़न का मिरे हरगिज़ — मीर तक़ी मीर
जाने का नहीं शोर सुख़न का मिरे हरगिज़
ता-हश्र जहाँ में मिरा दीवान रहेगा
“The clamor of leaving, the murmur of joy, never shall fade from me, In this world and beyond, my collection of verses shall remain.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जाने का नहीं शोर सुख़न का मिरे हरगिज़। ता-हश्र जहाँ में मिरा दीवान रहेगा।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शायरी नहीं है, यह तो एक घोषणा है! मिर्ज़ा तक़ी मीर अपनी कला की अमरता का दावा कर रहे हैं। शायर कह रहे हैं कि मेरा जाना, मेरा विदा होना... इस बात का कोई शोर नहीं होगा। क्योंकि उनका कहना है कि उनकी शायरी, उनका दीवान, इस दुनिया में हमेशा रहेगा, आख़िरत तक! क्या खूब ज़ुबान है!
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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