Sukhan AI
मुनइ' ने बना ज़ुल्म की रख घर तो बनाया पर आप कोई रात ही मेहमान रहेगा

If Munim built a house of oppression, he built it, But you will remain a guest for only one night.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

मुनइ'म ने ज़ुल्म की रख-घर तो बनाया, पर आप कोई रात ही मेहमान रहेंगे।

विस्तार

यह शेर रिश्तों की नश्वरता और मोहब्बत की हकीकत को समझाता है। शायर कह रहे हैं कि चाहे किसी ने कितना भी ज़ुल्म का महल खड़ा किया हो, आप वहां हमेशा नहीं रह सकते। यह एक गहरा अहसास है कि कुछ रिश्ते बस एक रात के मेहमान की तरह होते हैं—खूबसूरत, पर हमेशा के लिए नहीं। यह ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव और प्यार की सच्चाई को बयां करता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.