कब तलक गलियों में सौदाई से फिरते रहिए
दिल को उस ज़ुल्फ़-ए-मुसलसल से लगा बैठेंगे
“How long will you keep wandering through the streets like a lover, Until my heart is entangled by those cascading tresses?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कब तक आप गलियों में प्रेमी की तरह घूमते रहेंगे, जब तक मेरा दिल उन झूलते हुए बालों से बंध न जाए।
विस्तार
देखिए, यह शेर एक बहुत गहरा तंज है। शायर पूछ रहे हैं कि तुम कब तक यूँ ही भटकते रहोगे, जैसे कोई बेघर आदमी.... और जवाब क्या है? कि तुम्हारा दिल उस ज़ुल्फ़ की महक और उस ज़ुल्फ़ के नज़ारे से इतना जुड़ जाएगा, कि कहीं भटकने का वक़्त ही नहीं मिलेगा। यह खूबसूरती के जादू को बयां करता है।
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