एक निभने का नहीं मिज़्गाँ तलक बोझल हैं सब — मीर तक़ी मीर
एक निभने का नहीं मिज़्गाँ तलक बोझल हैं सब
कारवाँ लख़्त-ए-दिल-ए-हर-अश्क के हमराह है
“Everything is weighed down, not just for one to endure; / Our journey, the path of the heart, is accompanied by every tear.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
एक व्यक्ति को निभाने के लिए नहीं, बल्कि मिज़्गाँ (समूह) तक सब बोझिल हैं; हमारा कारवाँ, जो दिल का रास्ता है, हर आँसू का हमराह है।
विस्तार
मिर्ज़ा तक़ी मीर इस शेर में दिल के भारी बोझ को बयां करते हैं। शायर कहते हैं कि दिल इतना बोझिल है कि उसे संभाला नहीं जा सकता। जीवन की 'कारवाँ'.... हर आंसू के साथ चल रही है। यह एक गहरी भावनात्मक थकावट है—एक ऐसा सफ़र जहाँ ग़म ही हमेशा साथ रहता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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