शश-जिहत से इस में ज़ालिम बू-ए-ख़ूँ की राह है — मीर तक़ी मीर

शश-जिहत से इस में ज़ालिम बू-ए-ख़ूँ की राह है तेरा कूचा हम से तू कह किस की बिस्मिल-गाह है

“From the direction of your grace, there is a path of the cruel scent of blood; tell us, from which memory-place is your path?”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

शश-जिहत से इस में ज़ालिम बू-ए-ख़ूँ की राह है, तेरा कूचा हम से तू कह किस की बिस्मिल-गाह है। इसका शाब्दिक अर्थ है कि तुम्हारी कृपा की दिशा से भी क्रूर खून की महक का रास्ता है; हमें बताओ कि तुम्हारा रास्ता किस स्मृति स्थल से जुड़ा है।

विस्तार

यह शेर बिछड़ने के दर्द और सच्चे दिल टूटने की बात करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर पूछ रहे हैं कि आप मुझे कहाँ जाने को कहते हैं, जब आपके महबूब का रास्ता ही ज़हर और धोखे की बू से भरा है। शायर कहते हैं कि आपका कूचा छोड़ना तो आसान है.... लेकिन असली दर्द तो उस जगह है, जो न दिखती है.... और न ही कही जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.