हम हुए तुम हुए कि 'मीर' हुए — मीर तक़ी मीर
हम हुए तुम हुए कि 'मीर' हुए
उस की ज़ुल्फ़ों के सब असीर हुए
“We became, you became, and 'Mir' became, Captives of her tresses, utterly entranced.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हम हुए, तुम हुए और 'मीर' हुए भी, उसके ज़ुल्फ़ों के सब असीर हुए।
विस्तार
यह शेर मोहब्बत के नशीले असर और पूरी तरह से बेबस होने के एहसास को बयां करता है। मीर तक़ी मीर अपनी तन्हाई में यह सवाल कर रहे हैं कि क्या वो 'हम' हुए, क्या आप 'तुम' हुए, या बस 'मैं' (शायर) हूँ। लेकिन जवाब तो साफ़ है: दिल तो बस महबूब की ज़ुल्फ़ों के जादू में क़ैद है। ये मोहब्बत के आगे समर्पण का एक बेहतरीन नज़ारा है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
1 / 9Next →
