बाग़ को तुझ बिन अपने भायं आतिश दी है बहाराँ ने — मीर तक़ी मीर

बाग़ को तुझ बिन अपने भायं आतिश दी है बहाराँ ने हर ग़ुंचा अख़गर है हम को हर गुल एक अँगारा है

“The spring has given the garden a fire without you, Every bud is a lamp, and every flower a glowing ember.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

वसंत ने तुझ बिन बाग़ को आग लगा दी है, हर कली एक दीपक और हर फूल एक चमकता अंगारा है।

विस्तार

यह शेर बिछड़ने के दर्द को बहुत खूबसूरती से बयां करता है। शायर कहते हैं कि वसंत ऋतु, जो आमतौर पर खुशी और रंग का समय होती है, आपके न होने के कारण अब आग बनकर जल रही है। पूरा बाग़, हर कली, हर फूल.... सब कुछ हमें दर्द का एहसास दिला रहा है। यह प्रेम में तड़प की पराकाष्ठा है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.