ग़ैर ने हम को ज़ब्ह किया नय ताक़त है नय यारा है — मीर तक़ी मीर
“The stranger did not kill me; I have neither strength nor a friend. / This dog has struck down Saeeda-e-Haram with audacity.”
अर्थ
ग़ैर ने हम को ज़ब्ह किया नय ताक़त है नय यारा है। इस कुत्ते ने कर के दिलेरी सैद-ए-हरम को मारा है।
विस्तार
यह शेर बाहरी धोखे और टूटे हुए हौसले की बात करता है। शायर कहते हैं कि दुश्मन ने उन्हें ज़ब्ह कर दिया है, उन्हें न ताक़त है, न कोई सहारा... न ही कोई प्यारा। पर दूसरी पंक्ति में एक तीखा गुस्सा है! वो एक किसी कुत्ते को संबोधित करते हुए कहते हैं कि तूने दिलेरी से भी सादगी (सैद-ए-हरम) को मारा है। यह निराशा और ज़बरदस्त गुस्से का एक मिश्रण है।
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