सर दे के 'मीर' हम ने फ़राग़त की 'इश्क़ में
ज़िम्मे हमारे बोझ था बारे अदा हुए
“By giving my hair, Mir, we achieved leisure in love; / Our burden of responsibility was paid off.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
सिर देके 'मीर' हम ने फ़राग़त की 'इश्क़ में' ज़िम्मे हमारे बोझ था बारे अदा हुए।
विस्तार
यह शेर त्याग और इश्क़ की उस मदहोशी को बयां करता है, जहाँ इंसान अपनी आज़ादी को भी कुर्बान कर देता है। शायर कहते हैं कि हमने प्यार में अपना 'फ़राग़त' (स्वयं का अस्तित्व) दे दिया। लेकिन असली बात दूसरी लाइन में है—ज़िम्मेदारियाँ, ये बोझ जो ज़िंदगी ने हमें दिया था, वो सब अदा हो गए! मतलब, प्यार ने हमें एक अजीब सी आज़ादी दी, एक तरह से हमें हल्का कर दिया।
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