जब से काग़ज़-बाद का है शौक़ उसे — मीर तक़ी मीर

जब से काग़ज़-बाद का है शौक़ उसे एक आलम उस के ऊपर डोर है

“Since he has a passion for paper-and-pulp, / A whole world's destiny is tied upon him.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

जब से कागज़-बाद का शौक़ है उसे, उस पर एक आलम की डोर बँधी है।

विस्तार

यह शेर ज़िंदगी की उस नाजुक डोर को दिखाता है, जब इंसान क्षणिक चीज़ों के मोह में पड़ जाता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि जब किसी को कागज़-बाद, यानी अस्थायी चीज़ों का शौक हो जाता है, तो उसका पूरा आलम एक धागे पर टिका होता है। यह एक गहरी बात है कि जीवन की स्थिरता मोह के कारण कितनी कम हो जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.